“जौने सुखवा ससुरारी में तौने सुखवा कहु ना। ए पहुना एही मिथिले में रहू ना।”

“जौने सुखवा ससुरारी में तौने सुखवा कहु ना। ए पहुना एही मिथिले में रहू ना।”

Ragini patel/



मिथिलांचल का यह गीत सियावर राम के लिए गाया जाता है। इस प्रसिद्ध लोकगीत को देश की दिव्य आवाज़ कही जाने वाली युवा गायिका प्रिया मल्लिक ने गाया है। पिछले कुछ महीनों में बिहारी पारंपरिक लोकगीतों को नए अंदाज में संगीतबद्ध करके प्रस्तुत करने के लिए प्रिया को तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लोकप्रियता हासिल हो रही है। पहुना यानी दमाद यानी मिथिलांचल के सियावर श्री राम को रिझाने के लिए सीता की सहेलियों द्वारा गाये गए इस गीत को नए म्यूजिक के साथ प्रस्तुत किया है अथ भक्ति एवं पंकज नारायण ने। इसका निर्माण प्रसिद्ध फिल्म व टेलीविजन निर्माता-निर्देशक अपूर्वा बजाज ने किया है, जबकि इसका संगीत दिया है एल. के. लक्ष्मीकांत ने। अथ भक्ति के साथ प्रिया मल्लिक लगातार लोकगीतों को युवाओं तक पहुंचाने के लिए नए संगीत संरचना के साथ प्रस्तुत कर रही है। पिछले गीतों की तरह यह गीत भी सभी म्यूजिक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सुना जा सकता है और डाउनलोड भी किया जा सकता है। ज्ञात हो ‘सखी सब गावेली सोहर’, ‘आजु मिथिला नगरीय निहाल सखिया’ हाल ही में संगीत के सभी महत्वपूर्ण प्लेटफार्म पर रिलीज़ हुआ और लाखों श्रोताओं द्वारा पसंद किया गया |


पिछले सभी गानों की अपार सफलता के बाद बॉलीवुड के जाने-माने म्यूजिक डायरेक्टर व म्यूजिक कंपनी के साथ लोकगीतों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने का सफर जारी रहेगा।

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